Home छत्तीसगढ़ शासकीय मुद्रणालय के संचालक पर प्रिटिंग माफिया का नियंत्रण

शासकीय मुद्रणालय के संचालक पर प्रिटिंग माफिया का नियंत्रण

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शर्ते ऐसी डाल दी कि अधिकांश प्रिटिरों को बाहर बैठना पड़ा

रायपुर। लंबे अरसे से विवादों में घिरे शासकीय मुद्रणालय के संचालक अरविन्द इक्का ने बड़ा खेल खेलते हुए शासकीय मुद्रणालय का टेंडर प्रिटिंग माफिया के इशारे पर निकाला है। एक्का साहब आजकल शारदा टेक्नो की भरपूर सेवा प्राप्त कर रहे हैं।
छत्तीसगढ शासन के वित्त विभाग के स्पष्ट आदेश जिसके सभी प्रिटिंग कार्य संवाद से होने के निर्देश है। बिना रेट के शासकीय मुद्रणालय ने 3 सौ करोड़ के प्रिटिंग वर्क प्रिटिंग माफिया से करवाये।
प्रिटिंग माफिया एक्का साहब के सैर सपाटे व पार्टी की व्यवस्था कर रहा है।
विधानसभा में प्रिटिंग में हुए भ्रष्टाचार का मामला उठने के बाद शासकीय मुद्रणालय ने टेंडर निकाला है। बताया जाता है कि पाठ्य पुस्तक निगम में विवादों मैं घिरे रहे और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में अपराध दर्ज प्रिंटर शारदा और टेक्नो के दफ्तर में गवर्नमेंट प्रेस का टेंडर तैयार किया गया। शर्ते ऐसी डाली गई है कि राज्य के अधिकांश प्रिटंर टेंडर से बाहर बैठने पर मजबूर हैं। पूर्व में जिस तरह पाठ्य पुस्तक निगम इन प्रिंटरों के इशारे पर चलता था। पाठ्य पुस्तक निगम बुरी तरह बदनाम हुआ वहां के महाप्रबंधक जब थे नौकरी तक चली गई अब शासकीय मुद्रणालय में शारदा और टेक्नो का पूरा कब्जा है।
संचालक अरविन्द इक्का पूरी तरह से इनके इशारे में नाच रहे हैं। सैर सपाटे पार्टियों का दौर चल रहा है। शासकीय मुद्रणालय के संचालक व प्रिटिंग माफिया के गठजोड़ से टेंडर ऐसा बना है कि कुछ चुनिंदा प्रिंटर ही टेंडर डाल पाएंगे।