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आरसेटी के हुनर से आत्मनिर्भर बनी गोंगलई की जिज्ञासा, घर से शुरू किया सिलाई का काम

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बालाघाट 16 अक्‍टूबर 2026। सही प्रशिक्षण और मेहनत से स्वरोजगार की राह आसान हो सकती है। इसका उदाहरण ग्राम गोंगलई निवासी जिज्ञासा बिसेन ने पेश किया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से सिलाई का प्रशिक्षण लेने के बाद जिज्ञासा ने घर से ही काम शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।

जिज्ञासा बिसेन, पिता सुरेश बिसेन, ने जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) संजीव कुमार के सहयोग से आरसेटी और ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) बालाघाट के संयुक्त प्रयास से आयोजित टेलर वूमेन गारमेंट्स प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सिलाई की आधुनिक तकनीकों के साथ लागत प्रबंधन, बाजार से जुड़ाव और व्यवसाय संचालन की जानकारी भी प्राप्त की।

घर से शुरू किया काम, बड़े बुटीक का सपना

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जिज्ञासा ने घर पर ही सिलाई का काम शुरू किया। शुरुआत में परिवार और आसपास के लोगों के कपड़े सिलकर उन्होंने अपने हुनर को आगे बढ़ाया। वर्तमान में वे घर से छोटे स्तर पर काम कर रही हैं और प्रतिमाह एक अच्‍छी आय अर्जित कर रही हैं। जिज्ञासा का लक्ष्य भविष्य में अपना बड़ा बुटीक खोलना है। इसके लिए वे लगातार अपने काम को बेहतर बनाने और स्वरोजगार का विस्तार करने में जुटी हैं।

प्रशिक्षण से मिला आत्मनिर्भरता का रास्ता

जिज्ञासा ने आरसेटी संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशिक्षण ने उन्हें सिलाई का हुनर सिखाने के साथ आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाया। उन्होंने जिला प्रशासन, एलडीएम संजीव कुमार और आरसेटी संस्थान के सहयोग को अपनी इस शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण बताया। जिज्ञासा बिसेन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनकी कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण, लगन और मेहनत से घर बैठे भी स्वरोजगार की शुरुआत कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा जा सकता है।