बच्चों तक पोषण और आंगनवाड़ी सेवाएं पहुंचाने के लिए नाला पार कर पहुंचीं रौंदाटोला
बिरसा विकासखंड के बीमारी से प्रभावित ग्रामों में बच्चों तक आंगनवाड़ी की सेवाएं पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक पूरी हिम्मत और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। विषम परिस्थितियों के बावजूद बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की चिंता करते हुए मैदानी अमला लगातार गांवों तक पहुंच रहा है।
इसी समर्पण की मिसाल बिरसा विकासखंड के कुंडेकसा से रौंदाटोला पहुंचने के दौरान देखने को मिली। आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक सुनीता टेकाम एवं सहायिका सरिता मरकाम कुंडेकसा से रौंदाटोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के लिए निकलीं। रास्ते में उन्हें नाला पार करना था, जिसमें बारिश के कारण घुटनों तक पानी भरा हुआ था। मुश्किल रास्ता और तेज बहाव जैसी स्थिति के बावजूद दोनों ने हिम्मत नहीं हारी। बच्चों के वजन लेने के उपकरण और आहार सामग्री अपने साथ लेकर वे पानी से भरे नाले को पार करते हुए रौंदाटोला के आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचीं। वहां पहुंचकर बच्चों के वजन लेने के साथ उन्हें आहार सामग्री उपलब्ध कराई गई और आंगनवाड़ी की सेवाएं बच्चों तक पहुंचाई गईं।
आंगनवाड़ी अमले की यह पहल बताती है कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं पहुंचाने के लिए मैदानी कर्मचारी किस तरह कठिन परिस्थितियों में भी अपने दायित्व को प्राथमिकता दे रहे हैं। बीमारी से प्रभावित ग्रामों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी परिस्थिति में आंगनवाड़ी की आवश्यक सेवाएं बच्चों तक पहुंचने से न रुकें।
बच्चों तक सेवा पहुंचाना ही प्राथमिकता
विषम परिस्थितियों में नाला पार कर रौंदाटोला पहुंची सुनीता टेकाम और सरिता मरकाम का प्रयास आंगनवाड़ी अमले के समर्पण और जिम्मेदारी का उदाहरण है। उनके लिए रास्ते की मुश्किलें बाधा नहीं बनीं, बल्कि बच्चों तक पोषण और आवश्यक सेवाएं पहुंचाने का संकल्प ही उनकी ताकत बना।




