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इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के लिए 2,19,353 करोड़ मंजूर

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई देने का लक्ष्य
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने भारत के बुनियादी ढांचे, तकनीकी आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास को एक नई वैश्विक ऊंचाई देने के लिए अब तक के सबसे बड़े निवेश पैकेज को हरी झंडी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 2,19,353 करोड़ के सात बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। देश में घरेलू यूरिया उत्पादन को बढ़ाने और विनिर्माण इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए बहुप्रतीक्षित ‘राष्ट्रीय निवेश नीति-2026’ को मंजूरी प्रदान की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई, जिसमें देश के औद्योगिक विकास और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े सात बड़े नीतिगत और निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कुल 2,19,353 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन स्वीकृत किया गया है। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर निर्माण, मोबाइल उत्पादन, क्षेत्रीय रेल नेटवर्क के विस्तार, घरेलू यूरिया उत्पादन और उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में बड़े सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर केंद्रित है, जिससे आने वाले समय में देश के औद्योगिक परिदृश्य और परिवहन व्यवस्था में व्यापक प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेंगे।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और स्थानीय यातायात को पूरी तरह सुगम व जाम मुक्त करने के लिए कैबिनेट ने दो बेहद महत्वाकांक्षी एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं पर अपनी मुहर लगाई है। इसके तहत गंगा नदी के किनारे छह लेन का कॉरिडोर: एनएच-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड के बीच की दूरी और यात्रा के समय को बेहद कम करने के लिए 14,447.64 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले ‘6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर’ को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। स्थानीय कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए वरुणा नदी के किनारे 6 और 4 लेन का एक अन्य भव्य एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसके लिए अलग से 10,998 करोड़ रुपये का भारी बजट आवंटित किया गया है, जबकि सेमीकंडक्टर 2.0 और मोबाइल विनिर्माण के लिए ₹1.90 लाख करोड़ स्वीकृत किया गया।
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और भारी-भरकम हिस्सा देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और डिजिटल महाशक्ति बनाने के लिए समर्पित किया गया है। सेमीकंडक्टर 2.0: भारत को वैश्विक चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर विनिर्माण और सप्लाई चेन का सबसे बड़ा केंद्र बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 1,27,500 करोड़ रुपये के अभूर्वपूर्व और ऐतिहासिक बजट के साथ ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ योजना को मंजूरी प्रदान की है। मोबाइल फोन निर्माण योजना देश के भीतर घरेलू स्तर पर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के उत्पादन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाने के लिए सरकार ने 62,500 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि स्वीकृत की है। कृषि और रेलवे के लिए भी बड़े नीतिगत एलान; मंजूर हुई राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 और रेल लाइनों का विस्तार की योजना है।
कैबिनेट ने देश के अन्नदाताओं और औद्योगिक माल ढुलाई को सुचारू बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक फैसले लिए हैं। कृषि क्षेत्र में खाद की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए बहुप्रतीक्षित ‘राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 (National Investment Policy-2026)’ को मंजूरी दे दी गई है, जिससे देश में घरेलू यूरिया उत्पादन को भारी बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, रेलवे नेटवर्क को दुरुस्त करने के तहत ओडिशा के पारादीप-हरिदासपुर रेल मार्ग के दोहरीकरण के लिए 2,542 करोड़ रुपये और डांगोआपोसी-राजखरसावां व्यस्त रेल मार्ग पर मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए चौथी लाइन बिछाने के काम को 1,365 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता के साथ हरी झंडी दी गई है, जिससे व्यापारिक माल ढुलाई में समय की भारी बचत होगी।

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