सुनील खोब्रागढ़े (ब्यूरो प्रमुख )
डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को परसवाड़ा में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन म.प्र. जन अभियान परिषद, विकासखंड परसवाड़ा द्वारा शासकीय महाविद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री दिलीप सिंह कटरे, जनपद सदस्य श्री करण तेकाम एवं जिला समन्वयक श्री सुशील बर्मन सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। जिला समन्वयक सुशील बर्मन ने स्वागत भाषण देते हुए जन अभियान परिषद की पृष्ठभूमि एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में जनपद सदस्य करण तेकाम ने कहा कि डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के जनक, महान समाज सुधारक और स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री थे। महू में जन्मे बाबासाहेब ने सामाजिक असमानता और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष करते हुए शिक्षा, समानता और बंधुत्व के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्हें वर्ष 1990 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने जल संरक्षण और जनजागरूकता पर भी अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि दिलीप सिंह कटरे ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और उच्च शिक्षा प्राप्त कर संविधान निर्माता के रूप में देश को नई दिशा दी। कार्यक्रम का संचालन इंद्रलाल धुर्वे ने किया। इस अवसर पर सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राओं अंजनी कुमार उइके, संगीता बिसेन, श्वेता कटरे, पर्वत समरत एवं रूपलता एड़े ने अपने विचार व्यक्त किए। सरस्वती वंदना रूपलता एड़े तथा स्वागत गीत अभिन्या मंडलकर द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में परामर्शदाता दिनेश वरकड़े, सोहेंद्र पंचतील्क, योगेश्वरी राहंगडाले, इंद्रलाल धुर्वे सहित प्रस्फुटन समिति, नवांकुर संस्था, ग्राम विकास समिति एवं नारी शक्ति महिला संघ के सदस्यगण एवं जन अभियान परिषद के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



