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बालाघाट

कलेक्‍टर श्री मीना ने जिला चिकित्‍सालय का किया आकस्मिक निरीक्षण

बालाघाट- कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 13 नवंबर को जिला चिकित्सालय बालाघाट का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आमजन व मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिये। इस दौरान सहायक कलेक्टर श्री आकाश अग्रवाल, मुख्‍य चिकित्सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री कतरोलिया एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री मीना ने जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान ओपीडी, ईएनटी वार्ड, नेत्र वार्ड, डायलिसिस वार्ड, महिला वार्ड का निरीक्षण किया और मरीजों से चर्चा भी की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किडनी के मरीजों की डायलिसिस के लिए एक मशीन और बढ़ाने के निर्देश दिये। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में 09 मशीनें काम कर रही है और अब कोई भी वेटिंग नहीं रहती है और वर्तमान में 65 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। नेत्र वार्ड के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों की संख्या को देखते हुए शीघ्र ही 15 बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाने एवं नेत्र परीक्षण एवं आपरेशन के लिए आवश्यक और मशीनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। एएनएम प्रशिक्षण छात्रावास के निरीक्षण के दौरान उन्‍होंने 15 लाख रुपये की राशि से छात्रावास का नवीनीकरण कार्य शीघ्रता से कराने के निर्देश दिये।

            ट्रामा सेंटर स्थित महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने प्रसव के लिए आयी गर्भवती माताओं के परिजनों से भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने महिला वार्ड में कलेक्टर, एसडीएम, सीएचएमओ एवं सिविल सर्जन के मोबाईल नंबर लिखवाने के निर्देश दिये। जिससे मरीज एवं उनके परिजन आवश्यक होने पर मोबाईल नंबर पर अपनी शिकायत एवं समस्या बता सकेंगें । महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मरीज के साथ उनके परिजन अधिक संख्या में वार्ड में उपस्थित रहते हैं, जिसके कारण ट्रामा सेंटर में अव्यवस्था होती है। इस पर सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि वार्ड में मरीज के साथ केवल एक व्यक्ति को रहने दें। मरीज के साथ आये अन्य लोगों के लिए ट्रामा सेंटर के सामने स्थित केंटिन परिसर में ठहरने आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये। मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ट्रामा सेंटर के सामने की केंटिन में अनाधिकृत रूप से रहने वाले लोगों को वहां से हटायें और उनकी व्यवस्था रैनबसेरा की जाये।

            ट्रामा सेंटर में महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान देखने में आया कि प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिला के परिजनों की उचित ढंग से काउंसिलिंग नहीं हो रही है। इस पर सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि महिला वार्ड में भर्ती मरीज के परिजनों की काउंसिलिंग की व्यवस्था करें और उन्हें समझायें कि जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए सभी सुविधायें उपलब्ध हैं और उन्हें  प्रसव के लिए प्रायवेट अस्पताल में नहीं जाना होगा। यदि डाक्टर द्वारा सामान्य प्रसव के लिए इंतजार करने कहा जा रहा है तो परिजनों को समझाया जाये कि सिजेरियन आपरेशन करने के लिए दबाव न बनायें।

            कलेक्टर श्री मीना ने जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान सख्त‍ निर्देश दिये कि अस्पताल परिसर में प्रायवेट एम्बुलेंस वालों को अनावश्यक रूप से प्रवेश न करने दें। अस्प‍ताल परिसर में सुरक्षा गार्ड की पुख्ता व्यवस्था करने एवं बाहर के एम्बुलेंस स्टाफ का दखल पूर्ण रूप से बंद कराने के निर्देश दिये गये। मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया गया कि अस्पताल के पास अवैध रूप अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों पर कार्यवाही करें और दुकानों को लगाने की उचित व्‍यवस्‍था करें। इन सभी कार्यों में पुलिस का सहयोग लेने कहा गया।

       कलेक्‍टर श्री मीना ने इस दौरान बताया कि गत दिवस समय पर प्रसव नही कराने के कारण बच्‍चें की मृत्‍यु के मामले में जिम्‍मेदार चिकित्‍सक के विरूद्ध सीएचएमओ एवं सिविल सर्जन के जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही के लिए प्रस्‍ताव संचालक स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओ को भेजा गया है। इसके साथ ही किरनापुर से एम्‍बुलेंस में महिला को लेकर आने वाले अटेंडर और ड्राईवर को निलंबित किया गया है।

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