बालाघाट – लाड़ली बहना योजना में महिलाओं को हर माह मिलने वाली राशि बहुत छोटी लग सकती है, लेकिन यही राशि बचत से कुछ समय बाद बड़ी रकम में बदल जाती है। बूंद-बूंद से घड़ा भर जाता है, ऐसे ही हर माह की छोटी-छोटी बचत भविष्य के लिए बड़ा सहारा बन जाती है। किरनापुर विकासखंड के ग्राम पिपरझरी की वर्षा ने भी कुछ ऐेसा ही कर दिखाया है। उसने लाड़ली बहना योजना में मिली राशि से बचत कर अब सिलाई मशीन खरीद लिया है और कपड़े सिलने का व्यवसाय प्रारंभ कर दिया है। उसने अपने घर पर ही कपड़ा दुकान भी खोल लिया है। लाड़ली बहना योजना ने वर्षा को आत्मनिर्भर बना दिया है।
श्रीमती वर्षा पति सेवकराम बिसेन ग्राम पंचायत पिपरझरी किरनापुर की निवासी है और एक गरीब परिवार की महिला है। उसे कपड़े सिलना आता था, लेकिन सिलाई मशीन खरीदने की सामर्थ नहीं थी। जब से लाडली बहना योजना का लाभ मिलने लगा तो उसने तय कर लिया था कि वह इस राशि को खर्च नहीं करेगी बल्कि बचत करेगी। कुछ समय बाद उसके पास सिलाई मशीन खरीदने लायक राशि जमा हो गई तो उसने एक सिलाई मशीन खरीद ली हैं। सिलाई मशीन आने से वर्षा ने अपने घर पर ही सिलाई सेंटर खोल लिया है और घर पर ही छोटी सी कपड़ा दुकान भी शुरू कर दिया है। वर्षा का सिलाई का काम अच्छा चल रहा है और इससे उसे बहुत काम मिल जाता है। इस व्यवसाय से उसकी आमदनी बढ़ गई और वह परिवार का खर्च चलाने में पति की मदद भी करने लगी है। वर्षा अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गई है। इससे उसमें आत्मविश्वास का संचार हुआ है। वर्षा की बेटी को भी लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ मिल रहा है। गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता श्रीमती लक्ष्मीकांता बिसेन ने वर्षा को लाड़ली बहना योजना एवं उसकी बेटी को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ दिलाने में मदद की है। वर्षा को ग्राम पंचायत पिपरझरी का भी सहयोग मिल रहा है।



