चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ का असर रायबरेली समेत पूरे उत्तर भारत में देखने को मिल रहा है. मौसम के इस बदलाव ने जहां ठंड की दस्तक दे दी है, वहीं किसानों के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं. लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं. किसान अब सरकार से मुआवजे और सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
रायबरेली. अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ ने उत्तर भारत के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश जारी है. इस अनियमित बारिश से जहां लोगों को ठंडक का एहसास हुआ है, वहीं किसानों की परेशानी बढ़ गई है. रायबरेली में देर रात से जारी बारिश ने धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचाया है. खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलें भीगने और गिरने से प्रभावित हो रही हैं.
धान की फसल पर सबसे ज्यादा असर
रायबरेली जिले के कई इलाकों में बारिश लगातार जारी है. खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल अब किसानों की चिंता का कारण बन गई है. कई किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी, लेकिन बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया. जिन खेतों में फसल कट चुकी है, वहां खुले में रखे धान के ढेर बारिश में भीगकर खराब हो रहे हैं. किसानों का कहना है कि नमी बढ़ने से धान के दाने काले पड़ जाएंगे और उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा. गंगाखेड़ गांव के किसान कमलेश कुमार चौधरी ने बताया कि लगभग एक बीघा धान की फसल बारिश के कारण खेत में गिर गई है. उन्होंने कहा कि “पानी पड़ने से धान काला हो जाएगा और फसल सड़ने का खतरा है.” उन्होंने सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है.



