BREAKING

खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण के लिए 6.30 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति 6.20 किलोमीटर सड़क का पुल-पुलिया सहित होगा निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत रायपुर, 02 सितंबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल खरकट्टा से कोडेकेला पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के तहत 6.20 किलोमीटर लंबी सड़क का पुल-पुलिया सहित निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्रवासियों को वर्षभर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बरसात के दौरान आवागमन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत सड़क नेटवर्क पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सड़कें गांवों को केवल मुख्य मार्गों से जोड़ने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और व्यापार जैसी आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होती है। सड़क संपर्क मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और विकास की संभावनाएं भी व्यापक होती हैं। कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच होगी आसान खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आवागमन में सहूलियत मिलेगी, वहीं मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। सड़क निर्माण से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। पुल-पुलिया सहित सड़क का निर्माण होने से वर्षा ऋतु में जलभराव एवं मार्ग बाधित होने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। इससे ग्रामीणों को पूरे वर्ष बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी तथा गांवों और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार खरकट्टा से कोडेकेला मार्ग के निर्माण के लिए मिली स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से लंबे समय से आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी। क्षेत्रवासियों ने कहा कि सड़क निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि, व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा। 10 hours ago
छत्तीसगढ़

रायपुर : माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव

रायपुर, 02 सितंबर 2026

माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान लंबे समय से खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण पर आधारित रही है। अब राज्य इस पहचान को बदलते हुए कच्चे संसाधनों की बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंगका केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में इस बदलाव का आधार तैयार किया गया है। इस नीति में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों का केंद्र बनाना है।

*करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव*

औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से राज्य में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावप्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़कर एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे विशेष क्षेत्रों से जुड़ा है।

नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक दिशा को दर्शाते हैं। इसी क्रम में राजनांदगांव मेंइलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)को मंजूरी मिली है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है।

*स्टील से आगे ग्रीन स्टील की ओर*

स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला छत्तीसगढ़ अब इस क्षेत्र में भी अगली पीढ़ी के उत्पादन पर जोर दे रहा है। देश में कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के बीचग्रीन स्टीलराज्य के लिए बड़ा अवसर बनकर उभरा है। पिछले महीने आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रतिबद्धताओंने इस क्षेत्र की संभावनाओं को मजबूत किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष स्टील के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई जैसी योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ अपने खनिज संसाधन, मौजूदा स्टील उद्योग और ऊर्जा आधार का इस्तेमाल उच्च मूल्य वाले स्टील उत्पादों के निर्माण में कर सकता है।

*फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स में नई संभावनाएं*

फार्मास्यूटिकल्स भी राज्य की नई औद्योगिक तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावआए हैं, जबकि 216 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार हो रहा है। केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देशभर में 69 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल इस राष्ट्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का अवसर देती है।

*संसाधन से उत्पाद तक*

बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में भी औद्योगिक विकास की रणनीति केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के जरिए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं।

निवेश को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाएं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था भी की गई है।

छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक आधार की ताकत पहले से मौजूद है। अब लक्ष्य इन संसाधनों से आगे बढ़करउच्च मूल्य वाले उत्पादों का निर्माणकरना है। इलेक्ट्रॉनिक्स से ग्रीन स्टील और फार्मा से एआई तक नए क्षेत्रों में बढ़ता निवेश संकेत दे रहा है कि राज्य अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है।

Related Posts

खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण के लिए 6.30 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति 6.20 किलोमीटर सड़क का पुल-पुलिया सहित होगा निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत रायपुर, 02 सितंबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल खरकट्टा से कोडेकेला पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के तहत 6.20 किलोमीटर लंबी सड़क का पुल-पुलिया सहित निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्रवासियों को वर्षभर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बरसात के दौरान आवागमन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत सड़क नेटवर्क पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सड़कें गांवों को केवल मुख्य मार्गों से जोड़ने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और व्यापार जैसी आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होती है। सड़क संपर्क मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और विकास की संभावनाएं भी व्यापक होती हैं। कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच होगी आसान खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आवागमन में सहूलियत मिलेगी, वहीं मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। सड़क निर्माण से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। पुल-पुलिया सहित सड़क का निर्माण होने से वर्षा ऋतु में जलभराव एवं मार्ग बाधित होने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। इससे ग्रामीणों को पूरे वर्ष बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी तथा गांवों और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार खरकट्टा से कोडेकेला मार्ग के निर्माण के लिए मिली स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से लंबे समय से आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी। क्षेत्रवासियों ने कहा कि सड़क निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि, व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।