सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशन में नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय मास्टर वॉलेंटियर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष, बालाघाट में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा समुदाय आधारित नशा रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अतुल राय (स्टेट कोऑर्डिनेटर) रहे। प्रशिक्षण में सामाजिक न्याय विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जिला पंचायत, पुलिस विभाग, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य शासकीय एवं गैर-शासकीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने नशे की रोकथाम, उपचार एवं परामर्श की प्रभावी तकनीकों, नशे का मस्तिष्क एवं व्यवहार पर प्रभाव, व्यक्ति, परिवार और समाज पर इसके दुष्प्रभाव, नारकोटिक्स नियंत्रण से जुड़े कानूनों तथा सामुदायिक सहभागिता की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानियों से अवगत कराते हुए समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उमंग स्वास्थ्य केंद्र की किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता रोशनी टेंभरे ने किशोर एवं युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल, नशे से बचाव तथा परामर्श सेवाओं के महत्व पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में सही मार्गदर्शन, स्वस्थ जीवनशैली और परिवार व समाज के साथ सकारात्मक संवाद के माध्यम से नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई गई तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जन-जागरूकता अभियान चलाकर समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प कराया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
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